बैग के बोझ से टेढ़ी हो रही बच्चों की गर्दन, दर्द कर रही पीठ, सर्जन ने दिए सुझाव

अर्पिता गुड़गांव के एक प्राइवेट स्कूल में 7वीं में पढ़ती है. पिछले एक साल से उसकी पीठ और गर्दन में भारी दर्द हो रहा है. उसके पैरेंट्स कई डॉक्टरों से मिले. बच्ची को एक्स-रे, एमआरआई जैसी कई जाचों से गुजरना पड़ा लेकिन समस्या बरकरार रही. फिलहाल 2 महीने से उसकी फिजियोथिरेपी चल रही है. 
ऐसी परेशानी केवल 7वीं में पढ़ने वाली अर्पिता की नहीं है, बल्कि स्कूल के कई स्टूडेंट्स पीठ दर्द और गर्दन दर्द से परेशान हैं. भारी स्कूल बैग के कारण 5 से 15 साल के बीच के कई छात्रों को दिक्कत हो रही है. शुरू में दर्द का कारण खराब मुद्रा या मांसपेशियों की कमजोरी माना जाता है, लेकिन असली कारण भारी स्कूल बैग है.
सीनियर कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन हिमांशु त्यागी ने बताया "स्कूल जाने वाले लगभग 40% छात्रों को पीठ और गर्दन के दर्द की परेशानी है. भारी स्कूल बैग गर्दन की मांसपेशियों को खींचता है. गर्दन के दर्द के कारण रीढ़ की हड्डी के पीछे तकलीफ होती है. यह दर्द पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी बच्चे का प्रदर्शन खराब कर सकता है. इससे बच्चे का संपूर्ण विकास प्रभावित हो सकता है और उसका मनोबल नीचे आ सकता है."

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