गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2019 को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरुआत हुई तब अनन्या लगभग 11 माह की थी और उसका वजन लगभग 6 किलोग्राम था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बच्ची को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत चिन्हाकित किया और उसे बाल संदर्भ शिविर में लेकर गई। शिविर में डॉक्टर ने अनन्या की स्वास्थ्य जॉच के बाद उसे पोषण पुर्नवास केन्द्र में रखने की सलाह दी। साथ ही उसे मल्टीविटामिन, आयरन-कैल्शियम सिरप और दूसरी जरुरी दवाईयॉ प्रदान की गई। 15 दिनों तक पोषण पुर्नवास केन्द्र में रहने के बाद अनन्या के स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ। इसके बाद अनन्या को आंगनबाड़ी केन्द्र में नियमित रूप से पोषण आहार के रूप में प्रोटीनयुक्त चिक्की, मौसमी फल, दलिया, अण्डा, राजगीर का लड्डू, अंकुरित अनाज आदि दिया जाने लगा। साथ ही घर में भी प्रोटीनयुक्त पौष्टिक आहार जैसे अण्डा, दालें आदि देने की सलाह दी गई। नतीजतन अनन्या का वजन लगातार बढ़ने लगा और उसकी सेहत सुधरने लगी। फरवरी के पहले हप्ते में जब अनन्या का वजन किया गया तो अनन्या का वजन 7 किलो 900 किलोग्राम पाया गया और वह सामान्य की श्रेणी में आ गई। अब अनन्या में कुपोषण के कारण आई चिड़चिड़ाहट दूर हो गई है और चेहरे पर खिलखिलाहट साफ नजर आने लगी है।