कोरोना योद्धा की तरह सेवा दे रही हैं स्व-सहायता समूह की महिलायें


रायपुर। 
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण के लिए किये गये लॉकडाउन में कांकेर जिले की स्वसहायता समूहो की महिलाओं की टीम परदे के पीछे रहकर कोरोना योद्धाओं की तरह कार्य कर रही है। जिले की ये महिलाये मास्क निर्माण, वनोपज की खरीदी, गोठानो में सब्जी उत्पादन कार्य, वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण एवं बीसी सखी के रूप में बैकिंग सुविधा देने का कार्य कर रही है।

कलेक्टर श्री के.एल. चौहान के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और वनमण्डाधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले के 275 स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा 40 वन धन केन्द्रो के 172 ग्रामों में 70 हाट बाजार स्तर पर 20 से अधिक प्रजाति के वनोपज जैसे इमली बीज, इमली फूल, महुआ, बेहड़ा, हर्रा आदि वनोपज की खरीदी 62 लाख 12 हजार रूपये से किया गया है तथा खरीदी का कार्य निरंतर जारी है, इससे ग्रामीणों को वनोपज का वाजिब कीमत प्राप्त हो रहा है एवं बिचौलियों के चंगुल से भी मुक्त हो रहे हैं। स्वसहायता समूहो की 120 महिलाओं के द्वारा महुआ के फूल से महुआ लड्डू भी बनाया जा रहा है, जिसे सुपोषण केन्दें्रा में गर्भवती, एनिमिक व कुपोषित बच्चो को प्रदाय किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप जिले में कुपोषण की दर में कमी आई है।

 मास्क निर्माण - सीईओ जिला पंचायत डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना के अन्तर्गत जिले में 146 स्वसहायता समूह की 411 महिलाओ के द्वारा 01 लाख 82 हजार 678 मास्क का निर्माण किया जा रहा है, इससे महिलाओं को 21 लाख 92 हजार 136 रूपये की आमदनी प्राप्त हुई, साथ ही वन विभाग के तेंदुपत्ता संग्रहण में लगे लोगों को भी मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए मास्क भी बनाये जा रहा हैं, मनरेगा के श्रमिकों, राजस्व विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग के द्वारा 01 लाख 60 हजार मास्क का मांग किया गया है। स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा उन्हें मास्क उपलब्ध कराने हेतु निरन्तर कार्य कर रही हैं।
सेनिटाईजर निर्माण- जिले के दुर्गूकोन्दल विकासखण्ड की मां संतोषी स्वसहायता समूह के द्वारा 400 लीटर सेनिनटाईजर बनाकर ग्राम पंचायतों को प्रदाय कर 4 हजार 800 रूपये की आय अर्जित कर चुकी हैं।

कोरोना में बचाव हेतु दीवाल लेखन कर जागरूकता प्रचार-प्रसार- जिले में 147 समूहो की 1226 महिलाओ के द्वारा कोरोना से बचाव के लिये दीवाल लेखन कर जागरूकता लाने गांव-गांव में जाकर कर प्रचार-प्रसार कर रही है।
साबुन निर्माण - जिले के 17 महिला स्व-सहायता समूहो की 93 सदस्यों के द्वारा 27 हजार 92 साबुन बनाये हैं, जिसमें से 20 हजार 710 साबुन को बेच कर  02 लाख 07 हजार रूपये अर्जित कर चुके हैं।
गौठानो एवं बाड़ियों में सब्जी उत्पादन कार्य- जिले के 21 गोठानों  में 38 समूहो की 214 महिलाओं द्वारा 75 हजार की सब्जी उत्पादन कर विक्रय किया गया। इसी प्रकार गोठान ग्राम की बाड़ियों में 274 स्वसहायता समूह की 437 महिलाओं द्वारा 10 लाख 11 हजार 415 रूपये की सब्जी बेच कर आय अर्जित की गयी।
 वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण - गोठानों में 56 समूहो की 578 महिलाओं के द्वारा 333 क्विटंल वर्मी खाद का निर्माण कर 02 लाख 14 हजार 414 रूपये आमदनी प्राप्त किये हैं।
बीसी सखी के रूप में बैंकिंग सुविधा कार्य - सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि जिले में 60 बीसी सखी एवं 50 डिजीपेय सखी के द्वारा लॉकडाउन के दौरान गांव में घर-घर जाकर पेंशन राशि, मनरेगा का मजदूरी भुगतान, निराश्रित पेंशन, विधवा पेंशन एवं आपसी लेन-देन का कार्य करते हुए लगभग 05 करोड़ 26 लाख 98 हजार का लेन-देन कर गरीब असहाय, पेंशनधारी व ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा ग्रामों में जाकर राहत पहुंचाया है।
कलेक्टर के.एल. चौहान एवं सीईओ जिला पंचायत डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में बिहान की पूरी टीम एवं जिला मिशन प्रबंधक, सत्य प्रकाश तिवारी के सहयोग से जिले में लॉकडाउन के अवधि के  दौरान जिले में मनरेगा के तहत 62 हजार मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं जिले में मनरेगा के अतिरिक्त बिहान योजना अन्तर्गत स्वसहायता समूह की महिला सदस्यों द्वारा 62 लाख 12 हजार वनोपज संग्रहण किया गया, बीसी सखी द्वारा 05 करोड़ 26 लाख का लेन-देन किया गया, सब्जी उत्पादन कर 11 लाख 11 हजार रूपये का विक्रय किये तथा साबुन निर्माण, सेनेटाईजर निर्माण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, महुआ लड्डू निर्माण कर 807 समूह के 4 हजार 598 महिलाओं को रोजगार से जोडा़ गया, जिसमें महिलाओं द्वारा निर्मित सामग्री का विक्रय कर 37 लाख 97 हजार 755 रूपये की आय प्राप्त किये है, जो निरतंर जारी है। जिससे समूहो की आर्थिक व सामजिक स्थिति पहले से ज्यादा सुदृढ़ हुई है। इस प्रकार जिले की स्वसहायता समूहो की महिलायें कोराना वायरस संक्रमण से जिले में कोरोना योद्धओ की तरह निरन्तर कार्य कर अपनी सेवायें दे रही है।

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