कोविड केयर सेंटर में तब्‍दील होंगे नॉन AC कोच, इनका तापमान कम रखने के लिए होंगे ये इंतजाम..

इस बात पर सहमति व्यक्त की गई कि एसी नलिका (AC ducting) के जरिये कोविड-19 वायरस के संभावित संचरण के जोखिम के मद्देनजर एसी कोच उपयुक्त नहीं होंगे और वैसे भी आमतौर पर अधिक तापमान के दौरान वायरस से लड़ने में ज्‍यादा मदद मिलने की संभावना होती है.

नई दिल्ली: Covid.19 Pandemic: देश में कोरोना के बढ़ते केसों के मद्देनजर रेलवे कोचों को आपातकालीन स्थिति में आइसोलेशन बेड के रूप में इस्‍तेमाल किया जाएगा.रेलवे के एसी vs नॉन एसी कोचों (AC vs NAC coaches) को कोविड-19 के मरीजों (Covid Patients) के बेड में तब्‍दील करने से पहले नीति आयोग और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ चर्चा की गई. इस बात पर सहमति व्यक्त की गई कि एसी नलिका (AC ducting) के जरिये कोविड-19 वायरस के संभावित संचरण के जोखिम के मद्देनजर एसी कोच उपयुक्त नहीं होंगे और वैसे भी आमतौर पर अधिक तापमान के दौरान वायरस से लड़ने में ज्‍यादा मदद मिलने की संभावना होती है. खुली खिड़कियों के माध्यम से हवा के आरपार सर्कुलेशन को भी रोगियों के लिए मददगार माना गया है.  एम्पावर्ड ग्रुप द्वारा तय किया गया था कि वातानुकूलित यानी AC कोचों की अनुपयुक्‍तता (unsuitability) और ट्रांसमिशन जोखिम के कारण नॉन एसी कोचों (Non Air Conditioned coaches) को कोविड केयर सेंटर में तब्‍दील किया गया. इसके साथ ही माना गया कि थोड़ा ऊंचा तापमान और अच्‍छा हवादार क्षेत्र (well ventilated area) मरीज की रिकवरी के लिहाज से अहम होगा.

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