कोरोना संक्रमण रोकने को 'ट्रिपल टी' योजना पर होगा काम, जानें क्या है प्लान

गाजियाबाद जिले में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन की ओर से ट्रिपल-टी योजना के तहत काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें ट्रेसिंग- टेस्टिंग- ट्रीटमेंट पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमितों को खोज कर समय से इलाज दिया जाएगा।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना की रोकथाम के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इससे जिले में स्वस्थ होने वाले मरीजों की दर बढ़ रही है। जिले में अभी तक 720 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। वहीं 425 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। इसी के साथ विभाग की ओर से अब प्राथमिकता दी जा रही है कि सभी गंभीर और अति गंभीर मरीजों का इलाज गाजियाबाद के अस्पतालों में दिया जाए। इसके लिए कोविड एल-2 अस्पताल में आठ और जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में दो वेंटिलेटर शुरू करा दिए गए हैं।

वहीं जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय की ओर से स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मरीजों के इलाज के साथ-साथ उनको खोजने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी के अनुसार, यदि किसी संक्रमित को समय से इलाज मिल जाए तो वह अन्य लोगों के संपर्क में नहीं आएगा और संक्रमण के फैलने पर भी रोक लग सकती है। जिले में अधिकांश ऐसे मामले आए हैं, जिनमें मरीज को लक्षण काफी दिनों से आ रहे हैं या जांच कराने में देरी कर दी। इस बीच वह कई लोगों के संपर्क में आ गया, इसलिए स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध लोगों की जांच पर जोर देना होगा। जिलाधिकारी ने इस योजना को ट्रिपल-टी नाम दिया। इसके तहत पहले सर्वे के द्वारा या कंट्रोल रूम से संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की खोज की जाएगी। संपर्क में आए संदिग्धों की जाएगी और कोरोना की पुष्टि होने पर उनको समय से इलाज दिया जाएगा।

सीएचसी-पीएचसी में भी जांच

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना जांच की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए, जिससे गांव व देहात के लोग सीएचसी-पीएचसी में जाकर प्राथमिक जांच के साथ कोरोना की भी जांच करा सकें। इसके लिए विशेष रूप से समय निर्धारित किया जाएगा, जिस समय लैब-टेक्निशियन कोरोना की सैंपलिंग कर सकेंगे।


0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post

RVKD NEWS

Ads1

Facebook

Ads2